सत्यव्रत अध्यक्ष, विकास आर्य बनें महासचिव

जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। शैल शिल्पी विकास संगठन के तत्वाधान में भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर के 63वें महापरिनिर्वाण दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धाजंलि दी। इस मौके पर संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें सत्यव्रत को अध्यक्ष, विकास कुमार आर्य को महासचिव, श्रीमती मीना बछवाण को कोषाध्यक्ष, सतीश प्रकाश को सचिव, सूरवीर खेतवाल को संगठन सचिव चुना गया। साथ ही सुरेन्द्र लाल आर्य, डॉ. सबल सिंह को आजीवन संगठन का संरक्षक चुना गया।
इस मौके पर वक्ताओं ने भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के विषय से सम्बन्धित जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न भाषाओं, बोलियों, नियमों व कानूनों के इस देश को संगठित कर सम्पूर्ण देश में एक कानून व्यवस्था लागू करने के लिए संविधान का निर्माण करना तात्कालिक परिस्थिति में आकाश के तारे तोड़ने जैसा कार्य था, लेकिन बाबा साहब के विचारों एवं अनुभवों के कारण यह असम्भव कार्य 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में पूर्ण हुआ और देश को एक गर्व करने योग्य संविधान प्राप्त हुआ। उन्होंने बाबा साहब द्वारा दलितों के उत्थान हेतु किये गये प्रयासों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में सर्वोदयी सेविका शशि प्रभा रावत, दर्शनलाल चौधरी, प्रवेश नवानी, मनवर सिंह आर्य, सुरेन्द्र लाल आर्य, श्रीमती मीना बछवाण, विकास आर्य, सतीश ओडवाल, चन्द्रमोहन राणा, सूरवीर खेतवाल, कै. पीएल खंतवाल, हरीश कुमार, प्रभुदयाल, सतीश प्रकाश आदि मौजूद थे।

बाबा साहब डॉ. अम्बेडकर को किया याद


जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के 63वें महापरिनिर्वाण दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धाजंलि दी। इस मौके पर डॉ. महेन्द्र, पूरण चन्द्र बहुखण्डी, खेल पुरस्कार सुप्रिया, शैलेन्द्र बिष्ट इंटर कॉलेज मोटाढांक, सामाजिक कार्यक्रर्ता तेजपाल सिंह, जय सिंह, राजेश्वरी देवी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।
भाबर क्षेत्र के अंतर्गत शिवराजपुर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पर्यावरणविद सच्चिदानन्द भारती, सीओ जोधराम जोशी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, दलित समाज के हितों एवं उन्हें अधिकार दिलाने के लिए, समाज में फैली असमानता को दूर करने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहें। उनके तीन मूल मंत्र शिक्षित बनों, संगठित रहो एवं संघर्ष करो को सभी को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रेरणा से ही आज भारत देश की सामाजिक व्यवस्था बनी है। दुनिया के सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था व शक्तिशाली लोकतन्त्र का श्रेय डॉ. भीमराव अम्बेडकर को ही जाता है। कार्यक्रम का संचालन गौरव जोशी ने किया। कार्यक्रम में पार्षद मनोज पांथरी, गौरव जोशी, संजीव जखमोला, जिला संगठन मंत्री पृथ्वी सिंह राणा, डॉ. भीमराव अम्बेडकर जागृति समिति के संजीव सिंह, रोहित, अजय, गौरर्व ंसह, नरेन्द्र, मनमोहन, आकाश, विकास आदि मौजूद थे।

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