समिति ने स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रमों के पुनर्गठन को दिये सुझाव 

जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निर्देशों पर प्रथम ब्रॉड सब्जेक्ट मेटर एरिया (बीएसएमए) की राष्ट्रीय बैठक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार में आयोजित हुई। दो दिवसीय इस बैठक में समिति ने औद्यानिकी पाठ्यक्रम के पुनर्गठन की सफारिश की। समिति की इन संस्तुतियों को परिषद को भेज दिया गया है।
समिति ने स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रमों के पुनर्गठन पर सुझाव दिए हैं। अब इन संस्तुतियों को फरवरी में परिषद की प्रस्तावित दूसरी बीएसएमए की बैठक में विचार के लिए रखा जाएगा। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में बीएसएमए की बैठक में दस सदस्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में औद्यानिकी पाठ्यक्रम पर चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य देश के विभिन्न प्रांतों में संचालित औद्यानिकी विश्वविद्यालयों के स्नाकोत्तर औद्यानिकी पाठ्यक्रम और कोर्स में एकरूपता लाना रहा। बैठक में औद्यानिकी विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों में संचालित स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रमों के पुनर्गठन पर विस्तार से चर्चा के बाद समिति द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद को अपनी संस्तुति भेजी गई। इन संस्तुतियों को समिति की फरवरी में प्रस्तावित द्वितीय बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा। इसके बाद परिषद राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कर दोनों समितियों की संस्तुतियों को औद्यानिकी विशेषज्ञों के समक्ष चर्चा के लिए रखेगी। इसके बाद पाठ्यक्रम पुनर्गठन का अंतिम ड्राफ्ट तैयार कर देश के सभी औद्यानिकी विश्वविद्यालयों में लागू करने को जारी किया जाएगा। भरसार विश्वविद्यालय को इस आयोजन के बाद भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से एक्रीडिटेशन में वरीयता मिलने की उम्मीदे भी बढ़ी हैं। भरसार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश भल्ला की देख-रेख में हुई पूर्व कुलपति प्रो. वीएस ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक में देशभर के जाने-माने विश्वविद्यालयों के औद्यानिकी के विशेषज्ञों व समिति के सदस्यों ने हिस्सा लिया। जिसमें औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी से डा. वाईएस परमार, केरल विश्वविद्यालय से प्रो. मिनीराज, पूर्व निदेशक (शिक्षा) डा. एचबी लिंगैया, आईसीएआर पुष्पोत्पादन निदेशालय पुणे से प्रो. डीवीएस राजू, विधान चन्द्र कृषि विश्वविद्यालय मोहनपुर पश्चिम बंगाल से प्रो. अमित बरन सारंगी, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय उदयपुर राजस्थान से प्रो. आर कौशिक, अधिष्ठाता वानिकी महाविद्यालय भरसार प्रो.एसके गुप्ता , निदेशक औषधीय एवं सगंध पादप संस्थान से प्रो. बीपी नौटियाल सहित प्रो. कृष्ण कुमार आदि मौजूद रहे।

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