मेरे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि : विराट कोहली

सिडनी। भारत ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रच दिया है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया में चार मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की। सिडनी में खेला गया सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच बारिश के चलते ड्रा रहा। लेकिन भारत ने ऐडिलेड और मेलबर्न टेस्ट जीतकर सीरीज में पहले ही अजेय बढ़त बना ली थी। जीत के बाद टीम के कप्तान विराट कोहली स्वाभाविक रूप से काफी खुश नजर आए। उन्होंने जीत के लिए पूरी टीम को श्रेय दिया।
उन्होंने कहा, सबसे पहले मैं यह कहना चाहता हूं कि टीम का हिस्सा बनते हुए मुझे इससे ज्यादा खुशी कभी नहीं हुई। मैंने यहीं पहली बार कप्तानी की थी और आज यहां हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं। मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि 4 साल बाद हम यहां टेस्ट सीरीज जीते हैं। मैं सिर्फ एक शब्द कहना चाहता हूं- प्राउड, इस टीम की कप्तानी करते हुए मैं मुझे गर्व है और मैं खुद को खुशकिस्मत समझता हूं। खिलाड़ी कप्तान को बेहतर दिखाते हैं।
भारतीय कप्तान ने कहा, यह मेरे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है। जब 2011 में हम वर्ल्ड कप जीते थे तो मैं टीम का सबसे युवा सदस्य था। मैंने सबको वहां भावुक होते देखा था। मुझे वहां वह अहसास नहीं हुआ। अब यहां तीन बार आने के बाद मैं कह सकता हूं यह सीरीज जीतना मेरे लिए कुछ अलग है। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच रवि शास्त्री के साथ आए विराट कोहली ने यहां भी इस बात को दोहराया कि यह सीरीज जीत उनके टेस्ट जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
कोहली ने कहा कि यह सीरीज हमें अलग पहचान देगी। उन्होंने कहा, हम वह हासिल करने में कामयाब रहे जिस पर गर्व कर सकते हैं। कोहली ने इस मौके पर अपनी टीम के साथी खिलाड़ियों की खूब तारीफ की। उन्होंने खास तौर पर पुजारा की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैं पुजारा का नाम खास लेना चाहूंगा। वह सीरीज मे शानदार खेले।
उन्होंने कहा कि पुजारा का पिछला ऑस्ट्रेलिया दौरा अच्छा नहीं रहा था लेकिन इस बार उन्होंने बढ़िया खेल दिखाया। उन्होंने कहा, पुजारा लगातार सीखना चाहते हैं। वह अपने खेल पर काम करते हैं। वह टीम के सबसे अच्छे सदस्यों में से एक हैं। मैं उनके लिए काफी खुश हूं।
कोहली ने इस सीरीज में डेब्यू करने वाले मयंक अग्रवाल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, वह बॉक्सिंग डे टेस्ट में चैंपियन की तरह खेले। यह उनकी मानसिक दृढ़ता का परिचय देता है। उन्होंने कहा कि एक बल्लेबाजी यूनिट के रूप में हम सभी मिलकर अच्छा खेले।
कोहली ने अपने गेंदबाजों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, बोलर्स ने सिर्फ यहीं नहीं साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड में भी दमदार खेल दिखाया था। मैं पहला ऐसा नहीं देखा था। टीम की फिटनेस और मानसिक दृढ़ता लाजवाब रही। मैं उन्हें सलाम करता हूं।

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