देखिये: बैठक में मेयर और पार्षद पति के मौजूद होने से कैसे भड़के भाजपा पार्षद, भाजपा नेता व बीएसपी नेता

दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग

जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। नगर निगम कोटद्वार के पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम की नव निर्वाचित मेयर द्वारा लगातार असंवैधानिक तरीके से कार्य किये जा रहे है। भाजपा पार्षदों ने नगर निगम कोटद्वार की बैठक में मेयर पति और पार्षद पतियों के मौजूद होने पर गुरूवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होंने मेयर पद की गरिमा को खंडित करने पर मेयर के खिलाफ धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित करते हुए पार्षदों ने कहा कि नगर निगम कोटद्वार चुनाव में मेयर पद पर जनता द्वारा हेमलता नेगी को निर्वाचित किया गया, लेकिन मेयर द्वारा निर्वाचन के बाद लगातार असंवैधानिक तरीके से कार्य किये जा रहे है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मेयर द्वारा शपथ ग्रहण में ही कार्यक्रम का कांग्रेसीकरण कर दिया गया और नव निर्वाचित किसी भी पार्षद को ससम्मान मंच नहीं दिया गया तथा आम कांग्रेसी कार्यकर्ता को मंच पर बैठाया गया। उन्होंने कहा कि गत बुधवार को नगर निगम के सभागार में बैठक बुलाई गई, जिसकी जानकारी किसी भी पार्षद को नहीं दी गई। उक्त बैठक में पुलिस प्रशासन, तहसील और निगम के अधिकारियों को बुलाया गया। बैठक में मेयर पति सुरेन्द्र सिंह नेगी सहित पार्षद पति भी मौजूद थे। यही नहीं मेयर पति सुरेन्द्र सिंह नेगी बैठक में अधिकारियों को आदेश देते रहे। उक्त घटना से हम सभी पार्षद अपने अधिकारों को लेकर असमंजस में है। यदि भविष्य में यही पुनरावर्ती रही तो हम पार्षदगण सभी बैठकों का पुरजोर विरोध कर वाकआउट करेगें। उन्होंने कहा कि क्या बैठक में मेयर पति और पार्षद पति प्रवेश कर सकते है, मेयर पति अधिकारियों को निर्देशित कर सकते है, मेयर बिना पार्षदों की सहमति से कभी भी अधिकारियों की बैठक ले सकते है, असंवैधानिक हरकत पर नगर आयुक्त त्वरित कार्यवाही कर सकता है यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में पार्षद जयदीप नौटियाल, गायत्री भट्ट, मनीष भट्ट, सुभाष पाण्डे, सौरभ नौैडियाल, कुलदीर्प ंसह रावत, कमल नेगी, धीरज सिंह, ऋतु चमोली आदि शामिल थे।

बैठक में मेयर और पार्षद पति के मौजूद होने तहसील परिसर में विरोध प्रदर्शन करते भाजपा पार्षद व कार्यकर्ता

क्या कहते हैं वार्ड नं. 40 के भाजपा पार्षद मनीष भट्ट

उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते भाजपा पार्षद व कार्यकर्ता

क्या कहते हैं भाजपा प्रदेश मंत्री राजेन्द्र अन्थवाल

मेयर पति के बैठक में मौजूद होने पर गरमाई राजनीति
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। नगर निगम कोटद्वार की बैठक में मेयर पति व पार्षद पति के मौजूद होने पर राजनीति गरमा गई है। इसके विरोध में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। इसको लेकर सोशल मीडिया में भी जमकर राजनीति के साथ-साथ आम जनता ने भी आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है।
बता दें कि गत बुधवार को नगर निगम कोटद्वार सभागार में मेयर हेमलता नेगी ने अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें उनके बगल में मेयर पति पूर्व मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी भी बैठे हुए थे। इस बात की भनक लगते ही पत्रकार जैसे ही बैठक में जाने लगे तो उन्हें अंदर प्रवेश नहीं करने दिया था। जबकि बैठक में मेयर के साथ कुछ पार्षद व अधिकारी के अलावा मेयर पति सुरेन्द्र सिंह नेगी के साथ दो पार्षद पति भी मौजूद थे। एडवोकेट शोभा बहुगुणा भंडारी का कहना है कि ये कोटद्वार का दुर्भाग्य है कि बैठक में मेयर पति निर्देश दे रहे है। उन्होंने कहा कि उनकी सोच बता रही है कि जब महिला के पति को ही जिताना था तो महिला सीट क्यों की। उन्होंने कहा कि टिकट वितरण में महिलाओं की योग्यता और उनके हुनर को नजर अंदाज किया गया है।
राजेन्द्र अण्थ्वाल ने भाजपा के प्रदेश मंत्री ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली कि मेयर पति सुरेन्द्र सिंह नेगी नगर निगम कोटद्वार के सभागार में आयोजित बैठक में मौजूद थे। साथ में पार्षद पति भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि नियम में कहीं भी नहीं है कि बैठक में मेयर व पार्षद पति मौजूद रहेगें। जबकि जो पद पर रहता है वह ही अधिकारियों को निर्देश देने का हकदार है। उन्होंने कहा कि सुरेन्द्र्र ंसह नेगी पूर्व मंत्री व कई बार विधायक रहे है उनको जानकारी होनी चाहिए।
वही वार्ड नंबर 40 जशोधरपुर पार्षद मनीष भट्ट का कहना है कि गत बुधवार को नगर निगम सभागार में अधिकारियों की बैठक ली गई। जिसकी सूचना सभी पार्षदों को नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि बैठक में मेयर पति सुरेन्द्र सिंह नेगी अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। जो उचित नहीं है। यह उनके अधिकारों का हनन है। इसे किसी भी कीमत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि वह इसका पूर्ण रूप से विरोध करेगें।
वार्ड नंबर 24 बालासौड़ पार्षद नीरू बाला का कहना है कि जो पद पर है उसी को बैठक में मौजूद होना चाहिए। जब महिलाओं के लिए सीटें निर्धारित की गई है तो पतियों का बैठक में रहने कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मेयर पति व पार्षद पति के हिसाब से काम नहीं होना चाहिए। नीरू बाला का कहना है कि महिलायें भी निर्णय लेने में सक्षम है।

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